पिछले कुछ समय से देशभर में IndiGo की फ्लाइट्स के अचानक कैंसल या काफी देर तक डिले होने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।
यात्रियों में नाराज़गी, एयरपोर्ट्स पर भीड़ और सोशल मीडिया पर शिकायतें—ये सब सवाल उठाते हैं कि आखिर भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन को ऐसा क्या परेशानी आ रही है?
इस पोस्ट में हम generalized और long-term reasons समझेंगे, जिनकी वजह से IndiGo जैसी बड़ी एयरलाइन भी बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन का सामना करती है।
1. नए Crew Duty & Rest Rules (FDTL) – एयरलाइंस पर बढ़ता दबाव
DGCA द्वारा जारी सख्त Flight Duty Time Limitation (FDTL) नियमों की वजह से एयरलाइंस को पायलट और केबिन क्रू के लिए नए रोस्टर बनाने पड़ रहे हैं।
इन नियमों के तहत:
- क्रू को ज्यादा आराम का समय देना जरूरी
- लगातार उड़ान भरने के घंटों पर सीमा
- रात की उड़ानों पर विशेष नियम
इन बदलावों का असर सभी एयरलाइंस पर है, लेकिन IndiGo की फ़्रीक्वेंसी सबसे ज्यादा होने के कारण इसका प्रभाव ज्यादा दिखता है।
2. Crew Shortage & Roster Mismatch — बड़ी Airline की बड़ी चुनौती
IndiGo हर दिन सैकड़ों फ्लाइट्स ऑपरेट करती है।
इतने बड़े नेटवर्क में थोड़ा सा भी scheduling mismatch कई रूट्स पर असर डाल देता है।
अगर किसी दिन क्रू उपलब्ध नहीं है या roster requirement पूरी नहीं होती, तो airline के पास फ्लाइट रद्द करने के अलावा विकल्प नहीं बचता।
3. Operational Delays: टेक्निकल, विज़िबिलिटी और एयरपोर्ट Congestion
किसी भी एयरलाइन को रोज़मर्रा में कई operational challenges का सामना करना पड़ता है:
- Aircraft में तकनीकी जांच
- मौसम खराब होना (fog, rain, low visibility)
- मुंबई व दिल्ली जैसे व्यस्त एयरपोर्ट्स पर congestion
- ATC delays
जब पहले से ही रोस्टर पर दबाव हो, तब ऐसे छोटे-छोटे delays भी पूरे नेटवर्क को प्रभावित कर देते हैं।
4. High-Frequency Model: IndiGo का फायदा ही कभी-कभी नुकसान
IndiGo भारत में सबसे ज्यादा उड़ानें ऑपरेट करती है और यही उसकी ताकत है।
लेकिन इस high-frequency मॉडल में
- turnaround time बहुत कम होता है
- backup planes कम होते हैं
- reserve crew सीमित होता है
इसलिए किसी भी एक सेक्टर में disruption होने पर domino effect पूरे नेटवर्क में फैल जाता है।
5. Demand बहुत ज्यादा, Resources सीमित
पिछले कुछ सालों में air travel demand तेजी से बढ़ी है।
लेकिन aircraft deliveries में देरी, trained pilots की संख्या कम, और बढ़ते operational खर्चों की वजह से एयरलाइंस पर दबाव ज्यादा है।
ये दबाव अक्सर flight cancellations और delays की वजह बनता है।
निष्कर्ष: यह समस्या सिर्फ IndiGo की नहीं, Aviation Sector की चुनौती है
IndiGo की फ्लाइट्स के कैंसिल होने के पीछे सिर्फ एक कारण नहीं है।
यह नए नियमों, क्रू की कमी, tight scheduling, operational issues और बढ़ते travel demand का मिला-जुला परिणाम है।
हालांकि एयरलाइन लगातार स्थिति सुधारने की कोशिश कर रही है, लेकिन यात्रा करने वालों को सलाह है कि:
और night flights में buffer time रखें।
फ्लाइट का status बार-बार चेक करें,
टाइम से पहले एयरपोर्ट पहुँचे,

