श्रीलंका में भारी तबाही मचाने के बाद अब Cyclone Ditwah भारत की तरफ बढ़ रहा है, और IMD ने कई तटीय इलाकों के लिए Red Alert जारी कर दिया है। मौसम अचानक तेज़ी से बदल रहा है—आसमान में काले बादल, हवा में नमी और समुद्र में उफान… सब मिलकर यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले घंटे आसान नहीं होंगे।
श्रीलंका से जो तस्वीरें सामने आईं—गिरे हुए पेड़, पानी में डूबे घर, टूटे हुए रास्ते—वे यह समझने के लिए काफ़ी हैं कि Ditwah की intensity कितनी ज्यादा है। और अब यही सिस्टम भारत के तटीय हिस्सों से टकराने के करीब है।
इसका सीधा असर हमारी दैनिक ज़िंदगी पर दिखने लगा है।
Airports ने precaution के तौर पर कई उड़ानें रद्द कर दी हैं। जो लोग यात्रा पर निकलने वाले थे, उन्हें अचानक अपनी plans रोकने पड़े। दूसरी तरफ Railways ने भी कई रूट्स पर operations slow कर दिए हैं ताकि किसी तरह की दुर्घटना का खतरा न हो।
लेकिन इन सबके बीच सबसे ज़रूरी बात है—preparedness.
मौसम चाहे कितना भी unpredictable हो जाए, इंसान की जिम्मेदारी वही रहती है—updated रहना, alert रहना और safe रहना। घरों के आसपास ढीली चीज़ों को बांध लेना, ज़रूरी बैटरियां और drinking water स्टोर कर लेना, अनावश्यक यात्रा से बचना—ये छोटे कदम बड़े नुकसान को रोक सकते हैं।
Cyclone Ditwah सिर्फ एक weather event नहीं है, यह reminder है कि nature हमेशा powerful है और हमें उसे underestimate करने की गलती कभी नहीं करनी चाहिए।
IMD की advisory को follow करना, local प्रशासन की बात सुनना और verified जानकारी पर भरोसा करना—यही इस समय सबसे बेहतर फैसला है।
जब हवा तेज़ हो रही हो और समुद्र उफान पर हो—तब समझदारी ही हमारी सबसे बड़ी सुरक्षा होती है।

